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रंग चिंतन में समाहित होता है उसका अर्थ संयोजन -मंजुल भारद्वाज (रंग चिन्तक

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भाग -१ रंग चिंतन में समाहित होता है उसका अर्थ संयोजन -मंजुल भारद्वाज (रंग चिन्तक) भारत देश में भारत सरकार सबसे धनी और सबसे ताकतवर है. उसका अर्थ तंत्र हरेक नागरिक से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर से चलता है. यानी सबसे ताकतवर भी नागरिक से मांगकर जीता है. जिसके लिए सरकार वही ‘अर्थ’ का जिम्मेदार . ये सरल आर्थिक नियम और फार्मूला है. हाँ इस सरल बात की व्यवहारिकता की कई उलझन और पेंच है . सरकार किसको कितना  पैसा देती है ..क्यों देती है ...किसलिए देती है ... गरीब को कम ..अमीर को ज्यादा .. हाँ ये व्यवहार गत विवादित पक्ष हैं ..पर ये प्राथमिकताओं और राजनैतिक पक्षधरता का आयाम है. पर ‘अर्थ’ कहाँ से और कैसे संचित हो उस फार्मूले की सरलता जस की तस और स्पष्ट है. सबसे अमीर भारत सरकार को एक गरीबी रेखा से नीचे जीने वाला नागरिक भी उसकी तिजोरी भरता है ..एक माचिस या सुई खरीदने पर भी सरकार को टैक्स देता है .. अमीरों की बात तो सर्वविदित है की वो कैसे सरकार को .... चलाते और लूटते हैं ... जनहित , जन सरोकार तो जनता का आर्थिक सहयोग अनिवार्य है .. टिकाऊ और स्वतंत्र अभिव्यक्ति के लिए ! यही सरल बात कलाकारों को समझनी है और य…