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मंजुल भारद्वाज से धनंजय कुमार की बातचीत

मंजुल भारद्वाज से धनंजय कुमार की बातचीत
मंजुल भारद्वाज प्रदर्शन कौशल्य से संपन्न अभिनेता, निर्देशक, लेखक, फेसिलिटेटर (उत्प्रेरक )और पहलकर्ता हैं। वह एक स्वप्नद्रष्टा हैं और सपनों को हकीकत में बदलने का कौशल्य व सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। उन्होंने 12 अगस्त 1992 को थियेटर ऑफ रेलेवेंस नामक दर्शन का सूत्रपात किया।
मंजुल भारद्वाज लेखक-निर्देशक के तौर पर अबतक 25 से अधिक नाटकों का लेखन और निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने भारत के 28 राज्यों और विदेशों में विभिन्न संगठनों, संस्थानों, समूहों आदि के लिए थियेटर ऑफ रेलेवेंस नाट्य-दर्शनके तहत 3 सौ से अधिक कार्यशालाओं का संचालन किया है।
उन्हें कार्यशालाओं के संचालन के लिए विदेशों से बार-बार आमंत्रित किया जाता है। जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई देशों के विभिन्न नाट्य समूहों, संस्थानों, विद्यालयों, संगठनों के लिए उन्होंने अनगिनत कार्यशालाओं का संचालन किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका के बोस्टन की ब्रांडिस यूनिवर्सिटी ने अपने कई छात्रों को थियेटर ऑफ रेलेवेंस की प्रक्रियाओं, सिद्धांतों, अवधारणाओं और मूल आधार को जानने-समझने के लिए भारत भेजा है।
वह …